हाय Aavya। स्कूल के फाटक पर बारिश अचानक शुरू हो गई। Aavya के पास छाता था। आरव के पास नहीं था, वह बैग को सिर पर रखे खड़ा था। Aavya ने सोचा, मैं तेज़ चलूँ तो घर जल्दी पहुँचूँगा, आरव पीछे आ जाएगा। क्यों यह बात अधूरी थी? क्योंकि बारिश दोनों पर एक साथ पड़ रही थी, और तेज़ कदम छाते को एक तरफ़ खींच लेते हैं। Aavya दो कदम बढ़ा और आरव भीगने लगा। फिर Aavya रुका। आओ, कंधा सटाओ। दोनों धीरे चले। छाते के बीच में जगह बन गई। जूते गीले हुए। बाल सूखे रहे। आरव हँसा, मेरे बैग को अब टोपी नहीं बनना पड़ा। Aavya, एक छाता दो सिर ढक लेता है, अगर कदम साथ हों।
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कक्षा 2 की छोटी नैतिक कहानियाँ कौन सी हैं?
पेंसिल, टूटा गिलास, रोज़ पानी, एक छाता, धन्यवाद, दौड़, टिफिन और किताबें। हर कहानी छोटी है, कक्षा 2 के बच्चे के लिए।
छोटी नैतिक कहानियाँ बच्चों को क्या सिखाती हैं?
सच बोलना, आधा बाँटना, रोज़ थोड़ा काम करना, और मदद माँगना। एक घटना काफी है।
क्या बच्चे का नाम कहीं सेव होता है?
नहीं। नाम सिर्फ इसी पेज की कहानी में दिखता है और आवाज़ बनाने के लिए जाता है। यह लिंक, कुकी या रिकॉर्ड में नहीं रहता।