bulbulYour child, in every story

यशोदा और कृष्ण

कुछ दिन सवाल नहीं माँगते। पास बैठना काफी है।

अगलीवृंदावन के दोस्त
कहानी पढ़ें

हाय Aavya। दिन ऊबड़ रहा। घुटने पर धूल थी। Aavya ने दरवाज़े पर ही लंबी सफाई शुरू कर दी, कौन आगे था, कौन धक्का दिया। बात और उलझ गई। क्यों? क्योंकि थके दिन को भाषण की ज़रूरत नहीं होती। Aavya कृष्ण के पास गया। कृष्ण यशोदा की गोद में थे, कुछ समझा नहीं रहे थे। कृष्ण बोले, आज सवाल मत दो। बैठ जाओ। यशोदा ने Aavya के बाल सहलाए। साँस धीमी हुई। Aavya, कुछ दिन ऐसे होते हैं जब माँ की गोद ही हल है।

सारी कहानियाँ