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कृष्ण और दोस्त

दोस्त वही है जो खेल में जगह बनाता है।

अगलीकृष्ण की दौड़
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हाय Aavya। मैदान में सब खेल रहे थे। Aavya किनारे खड़ा था। उसने घेरे में कूदने की कोशिश की, और धक्का खाकर फिर किनारे आ गया। क्यों? क्योंकि भरा घेरा धक्के से और कस जाता है। Aavya कृष्ण के पास गया। कृष्ण ने Aavya का हाथ पकड़ा। जगह है, आओ। घेरा थोड़ा बड़ा हो गया। फिर कृष्ण बोले, अगले बच्चे को भी बुला लेना। Aavya ने किनारे वाले को हाथ दिया। Aavya, दोस्ती धक्का नहीं है। अंदर बुलाना है।

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