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कृष्ण जन्म की कहानी

चुप्पी गलती नहीं है। उसके पास बैठो।

अगलीबांसुरी
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हाय Aavya। रात बहुत शांत थी, और Aavya को लगा कुछ गड़बड़ है। उसने ताली बजाई, दीया हिलाया। शोर से कमरा और बड़ा लगने लगा। क्यों? क्योंकि चुप्पी कोई गलती नहीं थी। Aavya कृष्ण के पास गया। कृष्ण खिड़की पर थे। जिस रात मैं जन्मा, यमुना के पार एक दीया जला था। लोग धीरे मुस्कुराए थे। शोर नहीं था। कुछ रातें नई और कोमल होती हैं। Aavya लेट गया। साँस धीमी हुई। Aavya, जब रात शांत हो, उसे खराब मत समझो। उसके पास बैठो।

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