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कपड़े समेटना

घर का काम अकेले एक इंसान का नहीं होता।

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हाय Aavya, रस्सी पर कपड़े सूख रहे थे। माँ एक-एक करके उतार रही थी। Aavya ने एक तौलिया पकड़ा, मोड़ा, और ढेर पर रख दिया। माँ की साँस धीमी पड़ी। Aavya, घर में एक छोटा हाथ भी गिना जाता है।

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