हाय Aavya, अंधेरा कभी बाघ जैसा लगता है। छोटे कृष्ण को कोने में एक आकार दिखा। उन्हें लगा, कोई जानवर इंतज़ार कर रहा है। पास जाकर देखा, तो वह उनकी अपनी लकड़ी थी। उन्होंने एक छोटा दीया उठाया। कमरा वही कमरा था। Aavya, अंधेरा वही कमरा है जिसे तुम जानते हो, बस रोशनी कम है। लकड़ी लकड़ी ही रहती है।
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बच्चे को अंधेरे से डर लगता है
इस उम्र में अंधेरे का डर आम है। हँसें नहीं। एक छोटा दीया जलाएँ, कोने में जो सच में है उसका नाम लें, और यह कहानी एक बार सुनाएँ। कहानी का अंधेरा वही कमरा है, बस रोशनी कम है।
वही कमरा
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क्या रोशनी जलती छोड़ें?
एक छोटा दीया काफ़ी है। बहुत तेज़ रोशनी कहानी के बाद सोना मुश्किल कर देती है।
अगर बच्चा फिर बुलाए तो?
एक बार वापस जाएँ, वही कोना दिखाएँ, और आखिरी पंक्ति दोहराएँ। नई डरावनी बात मदद नहीं करेगी।
क्या कहानी डरावनी है?
कोई जानवर नहीं आता। आकार एक लकड़ी है। कमरे को जाना-पहचाना बनाने के लिए है।